394Тафричالتفريع في فقه الإمام مالك بن أنسУбайдуллах ибн Джаллаб - 378 AHعبيد الله بن الجلاب - 378 AHРедакторسيد كسروي حسنИздательدار الكتب العلميةИзданиеالأولىГод публикации١٤٢٨ هـ - ٢٠٠٧ مМесто изданияبيروت - لبنانРегионыИрак•Империя и ЭрасХалифы в Ираке, 132-656 / 749-1258٢٤ - باب في نكاح المريض والمريضةفصل في نكاح المريضولا يجوز لمريض ولا لمريضة أن يتزوجا حتى يصحا. فإن فعل أحدهما ذلك، فسخ نكاحه قبل الدخول وبعده، وكان الفسخ طلاقًا. فإن كان الفسخ بعد1 / 409КопироватьПоделитьсяСпросить AI