93दीवानديوان كثير عزةकुथैय्यिर अज़्ज़ा - 105 अ.ह.كثير عزة - 105 अ.ह.शैलियोंसाहित्यकविताوإني لأستأني ولولا طماعتيبعزة قد جمعت بين الضرائر2पृष्ठ 94प्रतिलिपिसाझा करेंAI से पूछें