मैंने अपना पूरा जीवन खड़े रहकर बिता दिया
أفنيت عمري واقفا
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मैंने अपना पूरा जीवन खड़े रहकर बिता दिया
मुहम्मद सालिम कबादा d. 1450 AHأفنيت عمري واقفا
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حاصرتني الأرجاس من كل درب
حيث غابت ووجهها القدس غابا
لا تضني علي بالغيب «ماهي»
لا حرمنا - إذا عطفت - الثوابا
يوليو 2004م
ذات الرداء الوادع (من التهيؤ للوقوف)
تساءلوا: «أين مها
ذات الرداء الوادع؟»
كل سها
وتهت في الخيال بين مدع ومدعي
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